– भारतीय संविधान के 75 वर्ष : देश में तर्कशील आंदोलन की चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
– साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर तर्कशील समूह द्वारा परिचर्चा का आयोजन
जमशेदपुर.
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर तर्कशील समूह झारखंड की ओर से भोजपुरी भवन, गोलमुरी, जमशेदपुर में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड, जनवादी लेखक संघ एवं वैज्ञानिक चेतना ग्रुप की ओर संयुक्त रूप से आयोजित उक्त परिचर्चा का विषय था – ” भारतीय संविधान के 75 वर्ष : देश में तर्कशील आंदोलन की चुनौतियां एवं संभावनाएं” कार्यक्रम की अध्यक्षता साइंस फॉर सोसायटी झारखंड के अध्यक्ष डॉ अली इमाम खां ने की जबकि विषय प्रवेश एवं संचालन डीएनएस आनंद, (महासचिव साइंस फॉर सोसायटी झारखंड) तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमर कुमार सिंह, (कोषाध्यक्ष साइंस फॉर सोसायटी झारखंड) ने किया।
परिचर्चा में डॉ एसके नारंग, पूर्व डिपुटी डायरेक्टर एनएमएल, जमशेदपुर, डॉ बीएन प्रसाद (पूर्व प्राचार्य ) पर्यावरणविद डॉ नीना शर्मा, पैड मैन के नाम से चर्चित तरुण कुमार, एडवोकेट प्रशांत कुमार, जनवादी लेखक संघ के एस के अस्थाना, राजदेव सिन्हा, उदय प्रताप सिंह, एस के उपाध्याय, साझा नागरिक मंच के देवाशीष मुखर्जी, काशीनाथ प्रजापति, नेहालुद्दीन खान, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता गौतम बोस, अनिमा बोस, आदि की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
परिचर्चा में शामिल वक्ताओं ने कहा कि देश में जिस प्रकार, अवैज्ञानिक सोच अंधश्रद्धा अंधविश्वास, कुरीति एवं पाखंड को शीर्ष स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है, वह चिंताजनक है। वक्ताओं ने समाज में संविधान सम्मत वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तर्कशील चेतना के विकास एवं विस्तार पर बल दिया तथा उसके लिए तर्कशील वैज्ञानिक चेतना अभियान को आगे बढ़ाने एवं जन जन तक पहुंचाने की बात कही।
अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ अली इमाम खां ने मौजूदा हालात से उत्पन्न आम लोगों की परेशानियों की चर्चा करते हुए इसके लिए बहुत हद तक अवैज्ञानिक सोच, व्यवस्था की विसंगतियों एवं लूट की संस्कृति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सभी प्रकार के भेदभाव से मुक्त समतामूलक न्यायपूर्ण तर्कशील समाज के निर्माण के लिए स्कूल कॉलेज, गांव मुहल्लों में सघन वैज्ञानिक जागरूकता अभियान चलाने तथा इसके लिए समान सोच वाले संस्थानों, संगठनों का नेटवर्क बनाने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण आजीविका, रोजगार जैसे बुनियादी मूद्दों पर व्यापक जनसंवाद कायम करने तथा जन भागीदारी एवं संघर्ष के जरिए उसका ठोस समाधान ढूंढने पर बल दिया।
डीएनएस आनंद ने जमशेदपुर में तर्कशील वैज्ञानिक चेतना अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उपस्थित सदस्यों एवं समान सोच वाले अन्य लोगों को जोड़ते हुए विभिन्न संगठनों का एक साझा नेटवर्क के निर्माण का प्रस्ताव रखा जिसे मौजूद लोगों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। शीघ्र ही इस दिशा में पहल की जाएगी।
परिचर्चा में सर्वश्री गुप्तेश्वर सिंह, प्रेमनाथ शर्मा, राजकुमार वर्मा, जगदीश अग्रवाल, पी डी लाल, रामलाल भारती आदि की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही।